क्यों और कैसे होता है मोतियाबिंद | Cataract in Hindi

मोतियाबिंद को इंग्लिश में कैटरेक्ट (Cataract) कहा जाता है. यह आँखों से जुड़ी एक समस्या है जो आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ होता है. इस समस्या के कारण पीड़ित को देखने में कठिनाई महसूस होती है.

लेकिन मोतियाबिंद को अच्छे से समझने के लिए हमे पहले ये समझना होगा की हमारी आँखे कैसे काम करती हैं और आँखों में किस बदलाव के कारण हमे मोतियाबिंद हो सकता है.

Motiyabind - Cataract in Hindi

कैसे होता है मोतियाबिंद? (How cataract forms - Hindi )

हमारी आँखे हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण और जटिल अंग है. लेकिन साधारण तरीके से समझने के लिए- हमारी आँखों में एक पारदर्शी लेंस होता है, आँख का पर्दा होता है जिसे इंग्लिश में रेटिना (Retina) कहा जाता है और तंत्रिकाओं का जाल होता है.

बाहर से आने वाली रौशनी पारदर्शी लेंस से हो कर गुजरती हैं. लेंस इन रौशनी को आँखों के पर्दों पर फोकस करती हैं जिससे हमे एक साफ़ छवि दिखती है. तंत्रिकाओं के ही मदद से इन छवियों को समझने में हमारा दिमाग हमारी मदद करता है.

हमारी आँखों की लेंस पानी और प्रोटीन से बानी होती हैं. इसके फाइबर की खास अरेंजमेंट के कारण हमारे आँखों की पारदर्शिता बानी रहती है. बाहर से वाली रोशनी की एक साफ़ छवि बनने के लिए लेंस की पारदर्शिता बेहद आवश्यक है.

मोतियाबिंद तब शुरू होता है जब आंखों में प्रोटीन के ऐसे गुच्छे बन जाते हैं जो लेंस को रेटिना तक स्पष्ट चित्र भेजने से रोकते हैं।

क्यों होता है मोतियाबिंद? (Why cataract happens - Hindi)

मोतियाबिंद उम्र से सम्बंधित एक समस्या है, यह कोई बीमारी नहीं है. जिस प्रकार उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारे चेहरों पर झुर्रियाँ आ जाती है और हमारे बाल सफ़ेद होने लगते हैं, उसी प्रकार उम्र बढ़ने के साथ लेंस में मौजूद प्रोटीन टूटने लगते हैं और कभी-कभी पानी भी बढ़ जाती है जिसके कारण मोतियाबिंद की समस्या हो सकती है.

इन वजहों से लेंस अपनी पारदर्शिता उम्र बढ़ने के साथ खोने लगते हैं और फिर दिखाई देने में दिक्कत होने लगती है. मोतियाबिंद दोनों आँखों में हो सकता है लेकिन आमतौर पर यह दोनों आँखों में एक साथ नहीं होता.

मोतियाबिंद के लक्षण (Symptoms of cataract - Hindi)

इन लक्षणों को पहचान कर मोतियाबिंद के होने का पता लगाया जा सकता है-

  • धुंधला नजर आना
  • रात को देखने में परेशानी होना
  • रंगों का फीका दिखना
  • हर चीज की दो छवि दिखना
  • बार-बार चश्मे का नंबर बदलना
  • तेज रौशनी के लिए संवेदनशीलता बढ़ जाना

मोतियाबिंद के कारण (Causes of cataract - Hindi)

मोतियाबिंद होने के बहुत से कारण हो सकते हैं.

  • धूम्रपान
  • अल्ट्रावायलेट रेडिएशन
  • स्टेरॉयड और अन्य दवाओं का लंबे समय तक उपयोग
  • कुछ रोग, जैसे कि मधुमेह
  • ट्रामा
  • रेडिएशन चिकित्सा

ये सभी मोतियाबिंद के मुख्य कारण हैं. इसके अलावा बढ़ती उम्र, ज्यादा शराब का सेवन, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, आँख में पुरानी चोट, सूरज की रौशनी में ज्यादा रहना, एक्स-रे या कैंसर उपचार के दौरान रेडिएशन के प्रभाव में ज्यादा रहना और मोतियाबिंद का पारिवारिक इतिहास भी मोतियाबिंद के कारण बन सकते हैं.

Motiyabind Cataract in Hindi

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मोतियाबिंद का इलाज (Treatments of cataract - Hindi)

मोतियाबिंद की पहचान करने के लिए आपके डॉक्टर आपकी आँखों पर कई तरह के टेस्ट कर सकते हैं. सबसे आम परिक्षण है आपके आँखों के कॉर्निया को समतल करने के लिए हवा के कश का उपयोग करना और फिर आँखों के दबाव की जांच करना. डॉक्टर आपकी आँखों के पुतली को बड़ा करने के लिए उसमें ड्राप डाल सकते हैं ताकि ऑप्टिक नर्व और रेटिना की जांच आसानी से की जा सके.

जब मोतियाबिंद के कारण आपके दैनिक गतिविधियों में परेशानी बढ़ जाती है तब डॉक्टर आपको सर्जरी द्वारा उपचार की सलाह दे सकते हैं. मोतियाबिंद को हटाने के लिए सर्जरी आमतौर पर बहुत सुरक्षित होती है और इसकी सफलता दर बहुत अधिक होती है. ज्यादातर लोगों को सर्जरी होने के कुछ घंटों बाद ही घर जाने की अनुमति मिल जाती है.

मोतियाबिंद से बचाव के उपाय (Prevention of cataract - Hindi)

मोतियाबिंद होने के जोखिमों को इस प्रकार कम किया जा सकता है-

  • दिन में बाहर जाते समय धुप का चश्मा अवश्य पहने
  • धूम्रपान से दूर रहें
  • एंटीऑक्सिडेंट्स युक्त फलों और सब्जियों का सेवन ज्यादा करें
  • शरीर के वजन को नियंत्रित रखें
  • डायबिटीज और अन्य चिकित्सीय स्थितियों को ध्यान में रखें
  • आंखों की नियमित जांच करवाएं

मोतियाबिंद (Cataract) हमारे दैनिक गतिविधियों में हस्तक्षेप कर सकता है और उपचार न कराने पर यह अंधेपन का कारण भी बन सकता है. हालाकि कुछ मोतियाबिंद बढ़ना बंद हो सकते हैं, लेकिन बिना उपचार के ये खुद से कम या छोटे नहीं हो सकते.

मोतियाबिंद को हटाने के लिए सर्जरी आमतौर पर बहुत सुरक्षित होती है और यह 90 प्रतिशत से ज्यादा प्रभावी उपचार है. आँखों में किसी प्रकार की समस्या होने पर अपने डॉक्टर से संपर्क करें.

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