Kushtarog | क्या होता है कुष्ठ रोग | Leprosy explained in Hindi

कुष्ठ रोग को अंग्रेजी में Leprosy कहा जाता है. यह एक ऐसी संक्रामक बीमारी है जो Mycobacterium Laprae नामक जीवाणु से होता है. एक कुष्ठ रोगी के शरीर के बाहों, पैरों और त्वचा के क्षेत्रों में तंत्रिका क्षति या गंभीर घावों को देखा जा सकता है. यह रोग शादियों से चला आ रहा है और यह दुनिया के हर कोने में पाया जाता है.

कुष्ठ रोग एक संक्रामक रोग जरूर है लेकिन यह आसानी से नहीं फैलता. इसके संक्रमण होने की संभावना काफी कम है. कुष्ठ रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तभी फैलता है जब दोनों व्यक्ति एक-दूसरे से लम्बे समय तक साथ में रहें या बार-बार संपर्क में आते रहें. एक कुष्ठ रोगी के खांसने या छींकने के दौरान नाक या मुँह से निकलने वाले ड्रॉप्लेट्स से यह बीमारी फैलता है.

kushtarog or leprosy explained in hindi

कुष्ठ रोग एक ग्रसित गर्भवती महिला से उसके अजन्मे बच्चे तक नहीं फैलता. यह यौन संपर्क द्वारा भी प्रसारित नहीं होता. कुष्ठ रोगी के साथ बैठने, खाना खाने या हाथ मिलाने से कुष्ठ रोग नहीं फैलता.

होने को यह रोग एक छोटे से बच्चे से लेकर बड़े-बूढ़े व्यक्ति तक में पाई जा सकती है. लेकिन वयस्कों की तुलना में बच्चों को कुष्ठ रोग होने की अधिक संभावना है. इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति कुपोषण का शिकार है तो उसे कुष्ठ रोग होने की संभावना ज्यादा होती है. वहीं दूसरी तरफ, एक स्वस्थ व्यक्ति में यह बीमारी होने की संभावना कम रहती है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, आज के समय में दुनिया भर में तकरीबन 2 लाख से ज्यादा कुष्ठ रोगी हैं और इनमे से सबसे ज्यादा अफ्रीका और एशिया में हैं.

यह भी पढ़ें - पुरुषों को भी होता है स्तन कैंसर

कुष्ठ रोग के लक्षण (Symptoms of Leprosy in Hindi)

कुष्ठ रोग मुख्य रूप से आपकी मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के बाहर की नसों और त्वचा को प्रभावित करता है. यह आपकी आँखों और आपकी नाक के अंदर के पतले ऊतक को भी प्रभावित कर सकता है. अक्सर कुष्ठ रोग का प्रभाव शरीर के उन हिस्सों में ज्यादा होता है जिनका तापमान बाकी हिस्सों से कम रहता है, जैसे कि हमारी आँखे, त्वचा, नसें, नाक और कान. इस बीमारी में नजर कमजोर पड़ जाती है और हाथ और पैर सुन्न पड़ जाते हैं. इसके अलावा मरीज के हाथों और पैरों में लगातार घाव होते रहते हैं या गांठ हो जाते हैं और त्वचा पर पीले रंग के धब्बे भी पड़ जाते हैं.

kust rog ke lakshan in hindi

आमतौर पर कुष्ठ रोग पैदा करने वाले बैक्टीरिया के संपर्क में आने के बाद लक्षण दिखने में लगभग 3 से 5 साल लग जाते हैं.

कुष्ठ रोग के प्रकार (Types of Leprosy in Hindi)

कुष्ठ रोग का प्रकार त्वचा के घाव के प्रकार और संख्या पर आधारित है. कुष्ठ के प्रकार हैं-

☉ टूबर्क्युलॉइड (Tuberculoid). यह कुष्ठ रोग का सबसे कम गंभीर रूप है जिसमे व्यक्ति के शरीर पर कुछ पीले रंग की त्वचा हो जाती है. अन्य प्रकार की तुलना में यह कुष्ठ रोग कम संक्रामक होता है.

☉ लेप्रोमाटोस (Lepromatous). यह कुष्ठ रोग का एक गंभीर रूप है जिसमे व्यक्ति के त्वचा पर धक्के (skin bumps) और चकत्ते (rashes), अंगों का सुन्न हो जाना और मांसपेशियों में कमजोरी हो जाती है. इस प्रकार के कुष्ठ रोग में किडनी, नाक और पुरुष प्रजनन अंग भी प्रभावित हो सकते हैं. यह टूबर्क्युलॉइड कुष्ठ रोग की तुलना में अधिक संक्रामक है.

☉ बॉर्डरलाइन. इस प्रकार के कुष्ठ रोग में टूबर्क्युलॉइड और लेप्रोमाटोस दोनों कुष्ठ रोगों का मिला-जुला लक्षण देखा जा सकता है.

क्या कुष्ठ रोग का इलाज संभव है?

कुष्ठ रोग को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है और सरकार के तरफ से इसका इलाज मुफ्त में मुहैया करवाया जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, विश्व भर में पिछले दो दशकों में कुष्ठ रोग के लगभग 1.6 करोड़ मरीज ठीक हुए हैं.

कुष्ठ रोग का इलाज 6 महीने से एक साल तक चल सकता है. ज्यादातर कुष्ठ रोग का इलाज कुछ दवाइयों से ही किया जाता है. इसका इलाज पूरा हो जाने के बाद वह व्यक्ति किसी भी दूसरे व्यक्ति को संक्रमित नहीं कर सकता और वह व्यक्ति अपना जीवन सामान्य रूप से बिता सकता है. जिस व्यक्ति के हाथों और पैरों में कुष्ठ रोग के कारण विकृति उत्पन्न हो जाती है, उसका भी आधुनिक सर्जरी द्वारा इलाज संभव हैं.

कुष्ठ रोग का समय पर इलाज न होने से आपके त्वचा, नसों, हाथों, पैरों और आँखों में स्थाई रूप से नुकसान पहुंच सकता है.

यह आर्टिकल सिर्फ आपको कुष्ठ रोग की जानकारी देने के लिए है. किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने या परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क करें. To know more about Leprosy in english, visit WebMD.

यह भी पढ़ें - Oats खाने के 7 फायदे

0 comments:

We will be happy to read your comment...