How To Prevent Pregnancy - Explained in Hindi

गर्भनिरोधक का उपयोग गर्भावस्था को रोकने के लिए किया जा सकता है और यह आपको यौन संचारित संक्रमण यानि सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (STI) से भी बचा सकते हैं. प्रेगनेंसी से बचने के लिए हमारे पास बहुत सारे साधन उपलब्ध हैं. इनमे से कुछ साधन परमानेंट (स्थायी) होते हैं और कुछ टेम्परोरी (अस्थायी).

How to prevent pregnancy in hindi
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लेकिन हो सकता है आप यह सोचती हों कि कौन सा तरीका बर्थ कंट्रोल के लिए सही रहेगा. आपके मन में यह भी सवाल आ सकता है कि प्रेगनेंसी को रोकने के लिए कौन सा तरीका सबसे सही है, किससे आपके सेहत को नुक्सान पहुंच सकता है, गर्भनिरोधक के क्या साइड इफेक्ट्स हैं, आदि. इस आर्टिकल में हम उन सभी गर्भनिरोधक तरीकों के बारे में आपको जानकारी देंगे जो महिलाओं के लिए उपलब्ध हैं.

बर्थ कंट्रोल का जो परमानेंट तरीका होता है उसे बच्चे बंद करने का ऑपरेशन कहते हैं, जिसे नसबंदी भी कहा जाता है. यह ऑपरेशन पुरुष या महिला, कोई भी करा सकता है. पुरुषों में इस ऑपरेशन को वासेक्टोमी (vasectomy) कहते हैं और यह पुरुषों के लिए एक सरल और स्थायी नसबंदी प्रक्रिया है. महिलाओं में इस ऑपरेशन को टुबल लिगेशन (tubal ligation) कहते हैं, लेकिन यह ऑपरेशन वासेक्टोमी के मुकाबले थोड़ा दर्दनाक हो सकता है.

स्थायी नसबंदी की प्रक्रिया सरल होती है, लेकिन इसे उल्टा करना, यानि नसबंदी हटाना, मुश्किल, महंगा और असफल हो सकता है. इसके अलावा नसबंदी आपको सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज से भी नहीं बचाता है.

बर्थ कंट्रोल का सबसे सरल, सस्ता और प्रभावी अस्थायी तरीका है कॉन्डम. कॉन्डम न सिर्फ अनचाहे गर्भ से बचाता है, बल्कि यह सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज से भी बचाता है. गर्भनिरोधक के इस तरीके का इस्तेमाल कभी भी किया जा सकता है, यह हॉर्मोन मुक्त है, आप इसे आसानी से अपने साथ रख सकते हैं और कॉन्डम पुरुष और महिला दोनों के लिए उपलब्ध होता है.

How to prevent pregnancy
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दूसरा प्रभावी अस्थायी तरीका है इंट्रा यूट्राइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस, जिसे कॉपर-टी भी कहा जाता है. यह छोटा, टी-आकार का उपकरण प्रोजेस्टेरोन हार्मोन या प्लास्टिक और तांबे से बना होता है और एक प्रशिक्षित स्वास्थ्य सेवा प्रदाता द्वारा एक महिला के गर्भाशय के अंदर इसे फिट किया जाता है. यह गर्भनिरोधक का एक लंबा तरीका है, जो कि 3 से 10 साल तक बना रह सकता है और आप कभी भी इसे निकलवा सकती हैं. इसका फायदा यह है कि इससे दर्द नहीं होता और इसका शरीर पर कोई बुरा असर भी नहीं होता. लेकिन इसे लगवाने के 2 से 3 महीने तक अनियमित रक्तस्राव और स्पॉटिंग की समस्या हो सकती है, मगर यह समय के साथ ठीक हो जाता है. यह आपको सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज से नहीं बचाता.

Methods to prevent pregnancy
कॉपर-टी | Image Source : Link

बर्थ कंट्रोल के लिए हॉर्मोनल तरीकों में सबसे आम है ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स. यह दिन में एक बार ली जाने वाली टैबलेट होती है. यह टैबलेट कई किस्म की आती हैं और आपको कौन सी टैबलेट सूट करेगी, यह आपको आपके डॉक्टर बताएंगे. सही तरीके से उपयोग किये जाने पर यह अत्यधिक प्रभावी होती है और इससे ब्लीडिंग भी कम हो जाती है. आप पिल्स का इस्तेमाल लगभग पांच साल तक कर सकते हैं. लेकिन अपनी गोली भूल जाने का मतलब है कि यह उतना प्रभावी नही होगा. यह आपको सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज से नही बचाता.

गर्भनिरोधक के लिए एक और तरह की पिल्स होती है जिसे इमर्जेन्सी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स या i-pill कहते हैं. इसका इस्तेमाल रोज नहीं किया जाता, बल्कि यह अनप्रोटेक्टेड सेक्स के बाद इमर्जेन्सी में ली जाती है. एक बिना प्रिकॉशन के यौन संबंध के बाद इसे तुरंत लेना चाहिए. जितनी जल्दी इसे लिया जाता है, यह उतना ही प्रभावी होता है. जब सेक्स के बाद पहले तीन दिनों में इसे लिया जाता है, तो यह लगभग 85% अपेक्षित गर्भधारण को रोकता है. इसे बिना प्रिस्क्रिप्शन के किसी फार्मेसी या केमिस्ट के काउंटर पर खरीदा जा सकता है. i-pill के सामान्य दुष्प्रभावों में मतली, उल्टी और अगली अवधि जल्दी या देरी से हो सकती है. यह आपको सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज से नहीं बचता.

इन सबके के अलावा गर्भनिरोधक के कुछ और भी तरीके होते हैं, जैसे कि कंट्रासेप्टिव इम्प्लांट- इसमें हार्मोन प्रोजेस्टेरोन का एक रूप जारी करते हुए, एक महिला की ऊपरी बांह में त्वचा के नीचे एक छोटी, लचीली छड़ रखी जाती है और इसे तीन साल बाद बदलने की आवश्यकता होती है. यह एक प्रभावी गर्भनिरोधक तरीका है लेकिन इसे आपके शरीर में डालने और हटाने के लिए एक प्रशिक्षित स्वास्थ सेवा प्रदाता की आवश्यकता होती है और यह आपको सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज से भी नहीं बचाता.

कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन भी एक प्रकार का प्रभावी गर्भनिरोधक तरीका होता है जिसमे हार्मोन प्रोजेस्टोजन का सिंथेटिक संस्करण एक इंजेक्शन द्वारा आपके शरीर में डाला जाता है. इसका प्रभाव लगभग तीन महीने तक रहता है. इसको लेने से अनियमित रक्तस्राव की समस्या हो सकती है और यह आपको सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज से नहीं बचाता.

कंट्रासेप्टिव रिंग या वजाइनल रिंग एक लचीली प्लास्टिक की अंगूठी होती है जिसे महिला अपने योनि में रखती है और यह अंगूठी लगातार आपके शरीर में हार्मोन एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टोजन जारी करती है. यह तीन सप्ताह तक रहता है, और फिर आपको इसे हटाना होता हैं, एक सप्ताह की छुट्टी लेने के बाद आपको फिर से एक दूसरे अंगूठी को अपने योनि में रखना होता है. वजाइनल रिंग को आप स्वयं ही अपने योनि में रख और निकाल सकती हैं, लेकिन आपको इसे सही समय पर बदलने के लिए याद रखने की आवश्यकता है और यह आपको सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज से नहीं बचाता.

कंट्रासेप्टिव रिंग | Image Source : Link

डायाफ्राम भी एक प्रकार का कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस होता है जो एक छोटा, मुलायम सिलिकॉन से बना गुंबद होता है जिसे सेक्स से पहले योनि में शुक्राणु को गर्भाशय में प्रवेश करने से रोकने के लिए डाला जाता है. इसे सेक्स के बाद भी कम से कम 6 घंटे के लिए छोड़ना पड़ता है लेकिन 24 घंटे से पहले इसे निकाल कर धोना होता है. अच्छे तरीके से साफ़ करके डायाफ्राम का इस्तेमाल एक से ज्यादा बार किया जा सकता है. डायाफ्राम काफी अच्छी तरह से काम करता है अगर सही तरीके से उपयोग किया जाए. हालांकि डायाफ्राम सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज के खिलाफ सुरक्षा प्रदान नहीं करता.

अब इनमे से कौन सा गर्भनिरोधक तरीका आपके लिए सही रहेगा, यह जानने के लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.


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