स्तन कैंसर के लक्षण, कारण और बचाव के उपाय - Breast Cancer

महिलाओं में स्तन कैंसर के मामले अन्य सभी कैंसर के मुकाबले सबसे ज्यादा होता है. स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता और रिसर्च के लिए भरपूर समर्थन ने स्तन कैंसर से बचाव और इसके उपचार में प्रगति की है. पिछले कुछ सालों में स्तन कैंसर से होने वाली मौतों में गिरावट देखि गई है. ऐसा इसलिए मुमकिन हो पाया है क्यूंकि लोगों में स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ गई है और अब ज्यादातर लोग इसके लक्षणों को पहचानने लगे हैं, जिससे उन्हें स्तन कैंसर के होने की संभावना का पता पहले ही लग जाता है.

breast cancer in Hindi

स्तन कैंसर से सम्बंधित ज्यादातर सकारात्मक आंकड़े विकसित देशों के होते है. पिछड़े हुए देश, जहाँ आज भी शिक्षा का अभाव है, बहुत बड़ी मात्रा में लोग स्तन कैंसर से प्रभावित हो रहे हैं. भारत में स्तन कैंसर के मामले हर साल बढ़ते ही जा रहें हैं. ICMR के एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल के अंत तक भारत में स्तन कैंसर के लगभग 2 लाख मामले हो जाएंगे. यह भी पढ़ें - साल 2025 तक भारत में महामारी बन जाएगा कैंसर.

स्तन कैंसर के लक्षण (Symptoms of Breast Cancer - Hindi)

स्तन कैंसर कई प्रकार के होते हैं और प्रत्येक प्रकार के स्तन कैंसर कई तरह के लक्षण पैदा कर सकते हैं. इनमे से कई लक्षण समान हैं, लेकिन कुछ अलग भी हो सकते हैं. ये स्तन कैंसर के कुछ मुख्य लक्षण हैं-

  • स्तन में गांठ का महसूस होना
  • स्तन के आकर में बदलाव
  • स्तन के ऊपर के चमड़े में बदलाव, जैसे की लाल या तनी हुई त्वचा
  • स्तन में दर्द या सूजन
  • निप्पल का उल्टा हो जाना
  • निप्पल से कोई तरल पदार्थ निकलना
  • निप्पल से खूनी तरल निकलना
  • बांह के नीचे गांठ या सूजन

स्तन कैंसर के कारण (Causes of Breast Cancer - Hindi)

स्तन कैंसर तब होता है जब कुछ स्तन कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं. ये कोशिकाएं स्वस्थ कोशिकाओं के मुकाबले बहुत तेजी से विभाजित होने लगती हैं और फिर एक गांठ का रूप ले लेती हैं. ये कोशिकाएं स्तन से शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकती हैं.

स्तन कैंसर ज्यादातर दूध बनाने वाली नलिकाओं (invasive ductal carcinoma) में कोशिकाओं से शुरू होता है. स्तन कैंसर ग्रंथियों के ऊतकों से भी शुरू हो सकता है, जिसे लोब्यूल (invasive lobular carcinoma) भी कहते हैं.

शोधकर्ताओं के मुताबिक हॉर्मोन में बदलाव, खराब जीवन शैली और पर्यावरण के कारण स्तन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नही हो पाया है कि क्यों कभी-कभी उन लोगों को भी स्तन कैंसर हो जाता है जिन्हे स्तन कैंसर का कोई जोखिम नही होता और क्यों कभी-कभी उन लोगों को स्तन कैंसर नही होता जिन्हे स्तन कैंसर होने का सबसे ज्यादा जोखिम होता है.

डॉक्टरों का अनुमान है कि 5 से 10 प्रतिशत स्तन कैंसर के मामले परिवार की पीढ़ियों से पारित जीन म्युटेशन से जुड़े होते हैं. मतलब, अगर आपके परिवार के इतिहास में किसी को स्तन कैंसर था, तो आपको बाकि लोगों के मुकाबले स्तन कैंसर होने का खतरा ज्यादा है.

इन सब के अलावा, इन कारणों से भी स्तन कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है-

  • बढ़ती उम्र
  • मोटापा
  • रेडिएशन के संपर्क में ज्यादा रहना
  • कम उम्र से पीरियड का शुरू हो जाना
  • ज्यादा उम्र के बाद पहला बच्चा होना
  • कभी प्रेगनेंट न होना
  • हॉर्मोन थेरेपी
  • कुछ दवाओं के साइड इफ़ेक्ट
  • अधिक शराब का सेवन करना

स्तन कैंसर पुरुषों और महिलाओं दोनों को हो सकता है, लेकिन यह महिलाओं में कहीं अधिक सामान्य है. यह भी पढ़ें - पुरुषों को भी होता है स्तन कैंसर.

स्तन कैंसर से बचाव के उपाय (How to protect yourself from Breast Cancer - Hindi)

अपने दैनिक जीवन में कुछ बदलाव कर के स्तन कैंसर के जोखिमों को आप कम कर सकते हैं. किसी भी बीमारी से बचाव की सबसे पहली सीढ़ी होती है जानकारी. अगर आपको स्तन कैंसर के लक्षणों की जानकारी नही होगी तो हो सकता है इन लक्षणों के दिखने पर आप इसे गंभीरता से न लें, क्योंकि किसी भी बीमारी का पता जितनी जल्दी लगता है, उतनी ही जल्दी इलाज द्वारा दुबारा से स्वस्थ हो जाने की संभावना बढ़ जाती है.

महिलाएं कभी-कभी अपने स्तन का आत्म-परिक्षण द्वारा निरिक्षण करके अपने स्तनों से परिचित होना चुन सकती हैं. यदि आपके स्तनों में किसी प्रकार का परिवर्तन, गांठ या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दे, तो आपको तुरंत अपने चिकित्सक से बात करना चाहिये.

व्यायाम सबसे महत्वपूर्ण दैनिक कार्य है, जो कई तरह के बिमारियों के जोखिम को कम करने में मदद करता है. हर रोज कम से कम 30 मिनट तक व्यायाम अवश्य करें. इसके अलावा, ज्यादा शराब के सेवन से बचें और अपने आहार पर भी ध्यान दें. तली हुई और ज्यादा मसालेदार भोजन को त्याग कर फलों, सब्जियों और हेल्दी फैट्स (जैसे की ओलिव आयल) को चुनें. अपने शरीर के वजन को भी नियंत्रित रखना बहुत जरूरी है. अगर आपके शरीर का वजन ज्यादा है तो कुछ उपचारों से आप इसे नियंत्रित कर सकते हैं. वजन घटाने के आसान टिप्स.

इस बात का ध्यान रखें कि किसी लक्षण के दिखने पर खुद से ही इस निर्णय पर न पहुंचे की आपको कैंसर हो गया है. लक्षण दिखने पर अपने चिकित्सक से तुरंत संपर्क करें.


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