क्यों सर्दी-जुखाम के लिए नही है कोई वैक्सीन ?

Why is there no vaccine for common cold?

वैक्सीन हमारे लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य रणनीति है. यह हमारे प्रतिरक्षा प्रणाली को किसी बीमारी के लिए पहले से ही तैयार रखता है. खसरा और इन्फ्लुएंजा जैसे वायरस से होने वाली बीमारियों के लिए वैक्सीन बहुत लाभकारी होता है. लेकिन आज भी सर्दी-जुखाम के लिए कोई वैक्सीन मौजूद नही है. वैज्ञानिक 1950 के दशक से ही बिना किसी सफलता के इसके वैक्सीन को बनाने में लगे हुए हैं.

Common Cold

दुनिया भर मे सर्दी-जुखाम के लाखों मामले आते हैं. ऐसा अनुमान है कि औसत वयस्क हर साल कम से कम दो बार जुखाम से पीड़ित होता है और बच्चों को एक साल मे 10 बार हो सकता है. तो अगर सर्दी-जुखाम इतना सामान्य है तो इसका कोई वैक्सीन क्यों नही है? 

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सर्दी-जुखाम के लिए वैक्सीन विकसित करने के साथ सबसे बड़ी कठिनाई यह है कि कम से कम 200 ऐसे वायरस हैं जो सर्दी-जुखाम के लक्षण दिखाते हैं. इनमे राइनोवायरस, कोरोनावायरस, एडेनोवायरस, पैरेंफ्लुएंजा जैसे वायरस शामिल हैं. इस समय ऐसा कोई तरीका हमारे पास नही है जिससे सभी उन बीमारियों के खिलाफ एक वैक्सीन बना सकें जिनसे सर्दी-जुखाम होता हो. सर्दी-जुखाम स्व-सीमित होता है, जिसका मतलब है कि यह लंबे समय तक प्रभावित नही करता, यह अक्सर एक सप्ताह मे चला जाता है और कोई गंभीर समस्या पैदा नही करता. 

किसी प्रकार के वैक्सीन को बनाने मे बहुत सारा वक्त और पैसा लगता है. इसलिए कीमती वक्त और धन उन्ही बीमारियों के खिलाफ वैक्सीन बनाने मे लगाया जाता है जो लोगों के जीवन और स्वास्थ्य पर अधिक प्रभाव डालते हैं. जाहिर है हमें कैंसर, HIV, इबोला और कोरोना जैसे बीमारियों के वैक्सीन की ज्यादा आवश्यकता है, बजाय सर्दी-जुखाम के.

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हो सकता है, भविष्य मे इसका वैक्सीन बनाने मे वैज्ञानिकों को सफलता मिल जाए, लेकिन तब तक सावधानी बरत कर खुद को सर्दी-जुखाम से बचाया जा सकता है. ठंड लगने पर खुद का खयाल रखें और लक्षण दिखते ही खुद को लोगों से दूर कर लें.